पार्वती जी ने यह साबित किया
लड़कियां महलों की भूखी नहीं होती
छोड़ गाड़ी, बंगला, महल, अटारी
झोपड़ी में भी मग्न, सुखी होती
नहीं मांगती धन और दौलत नहीं मांगती हार
पार्वती जी ने स्वयं किया था राज महल का त्याग
महल छोड़ ठंडी, गर्मी बारिश, सब सह लेती
प्रेम ही सर्वस्व है सीख देती मां पार्वती जी
प्रेम ही शक्ति, प्रेम ही ताकत, प्रेम ही असली विभूति
प्रेम में पड़ी सती जी ने दे दी थी अपनी आहुति
शिव -पार्वती जी ने बता दिया प्रेम जगत का सार
प्रेम ही सत्य, प्रेम ही शाश्वत, प्रेम ही सृष्टि का आधार।
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