एक हौसला ही है जो कभी साथ नहीं छोड़ता,वरना अंधेरे में तो,
परछाई भी साथ छोड़ देती है।।
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X