आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

सर्वोत्तम धन

                
                                                         
                            विद्या है सर्वोत्तम धन,
                                                                 
                            
कर लो तन मन धन से ग्रहण,
खूबसूरत हो जाएगा पूरा जीवन,
लगा दो पना पुरा मन।

शिक्षा से अंधेरा मिटेगा,
पढ़ने का कर लो जतन,
खिल जाएगा मन में सुमन,
महक जाएगा सारा उपवन।

मानव का है यह पहला धर्म,
विद्या से वंचित न रहे कोई जन।

विद्या हमें देती बल,
बेहतर से बेहतरीन होगा सफर,
उन्नत होगा आज और कल,
इंसान हाेगा जीवन में सफल।

सफलता के लिए चाहिए न कोई धन,
हाथों में चाहिए कलम और लगन,
राह में कठिनाई आएगी मगर,
रुकना ना कभी हार कर।

विद्या है सर्वोत्तम धन,
लगा दो इसमें सारा जीवन।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर