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सर्वप्रथम स्थान

                
                                                         
                            उनका रूप सुहावन बड़ी मनोहर मनभावन
                                                                 
                            
मन को हरते देखा
धरती चांद सितारे सब गवाह है
मां को नहीं बदलते हुए देखा
कमी कर देती खुद की खुशियों में
देखा नहीं बच्चों में कमी करते हुए
जमाना लाख प्यार का गुणगान करे
देखा नहीं मां जितना प्यार करते हुए
अपनी तो परवाह नहीं करती देखा है
बच्चो के लिए खुशियों का त्याग करते हुए
समुद्र से मत पूछ कैसे तैरा जाता है मैंने
देखा है मां को गमों का दरिया पार करते हुए
आंच कभी आने देती नहीं प्यार भरपूर लुटाती है
तोड़ के सारे जंजीरे मां बच्चों से मिलने आ जाती है
प्यार करने में मां एक नंबर
दूसरे नंबर पर ईश्वर आते हैं
इसीलिए प्यार की देवी का सर्वप्रथम स्थान
मां को दिए जाते हैं
-ममता तिवारी
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6 महीने पहले

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