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सलामती की दुआ मांगती

                
                                                         
                            सलामती की दुआ मांगती,
                                                                 
                            
अपने आंचल में महफूज रखती,
हर जख्मो से निवार देती,
मां गजब गजब इनायत करती।
राहों में अगर कांटे हो तो फूल बिछाती,
हमें फूलों के बिस्तर पर सुलाती,
बच्चों के हिस्से के दुख खुद अपने झोली में लेती,
अपने प्यार के दौलत से दामन को ख़ुशी से भर देती।
अपने चेहरे की मुस्कान हमारे चेहरे पर सजाती,
खुद के जीवन में भले अंधेरे हो,
हमारे जीवन में रोशनी फैलाती,
अपने एहसानो को कभी नहीं जताती,
हमारे सलामती के लिए उपवास भी करती।
मां अदभुत चमत्कार करती।।
-ममता तिवारी
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6 महीने पहले

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