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सादर आभार अमर उजाला परिवार:.....

                
                                                         
                            अमर उजाला परिवार का
                                                                 
                            
बहुत-बहुत आभार
हम सभी यहाँ मिले
यह खूबसूरत है एहसास

इस मंच पर जुड़ने
से ही दिल को
मिला सुकून अपार
मन कितना खुश रहता
शब्दों में बयां हो नहीं सकता

इस मंच पर कविताएं
डालने का जो एहसास है
धरती पर चमत्कार सा है

हमने कभी सपनों
में भी नहीं सोचा था
अमर उजाला जैसे
प्रतिष्ठित मंच पर
जुड़ने का मौका मिलेगा

इस जन्म में साक्षात
भगवान से मिल लिए
इतनी ख़ुशी मिलती है

इस ख़ुशी को महसूस ही
किया जा सकता है
बोलने के लिए लब्ज़ नहीं
लिखने के लिए शब्द नहीं
इसके आगे क्या लिखूँ

आप सभी का आशीष बना रहे
मैं गिलहरी की तरह
अपना योगदान देती रहूँ
अपना जीवन धन्य करती रहूँ।।
सादर आभार अमर उजाला परिवार
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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