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रौशन आप से

                
                                                         
                            रौशन आपसे ये जहां,
                                                                 
                            
मां आपके जैसा कोई कहां,
ढूंढी दरबदर, कोई ना मिला यहां,
चेहरा नहीं कोई,
जो आपके चेहरे से मिला।
वह नूर, वह जुनून, कुदरत
की कोई इबादत है आप,
आपको यकीन नहीं होगा,
साक्षात मेरे मन की मूरत है आप।।
-ममता तिवारी
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6 महीने पहले

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