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फूलों सा:...... बाल कविता

                
                                                         
                            फूलों सा खिलते रहो
                                                                 
                            
नवाब सा दिखते रहो
मन लगाकर पढ़ते रहो
हंसते और हंसाते रहो
मम्मी पापा,घर परिवार
देश का नाम रोशन करो
सपनों को साकार करो
ऊंचा अपना नाम करो
मेहनत को सलाम करो
परिश्रम से हरगिज़ न डरो
धीर वीर की तरह आगे बढ़ो
वीर और बलवान बनों
निडरता की पाठ पढ़ो
आलस्य का त्याग करो
जीवन में महान बनों
सच के पथ पर आगे बढ़ो
दीपक बन अंधेरा दूर करो
सबके प्रति प्यार,दया रखो
खुद का भी ख्याल रखो
दूसरों का भी ख्याल रखो
नेक रहम दिल इंसान बनो
फूलों सा खिलते रहो....।।

-ममता तिवारी
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3 महीने पहले

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