आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

फूल सी लड़की

                
                                                         
                            इनायत है रब की
                                                                 
                            
रौनक है घर की
चहेती है सबकी
फूल सी लड़की

सुबह शाम चहकती
आसमान में उड़ती
कभी बोझ नहीं होती
मन को लुभाती
फुल सी लड़की

ताज है मां-बाप के सर की
राज है मां बाप के खुशी की
खुशियां समेटे है जमाने भर की
हंसी लुटाती भर भर की
फूल सी लड़की

हिम्मत कभी नहीं हारती
होती है थोड़ी शरारती
मां बाप को दिन भर निहारती
परियों सी चमकती
फूल सी लड़की

हिम्मत सबकी बढ़ाती
सब पर प्यार लुटाती
अपनी परवाह नहीं करती
भाई-बहन मम्मी पापा
सबसे प्यार करती
फूल सी लड़की

दादा जी ,दादी जी
नाना जी,नानी जी
सभी अपनों की
खबर रखती
फूल सी लड़की

सबके चेहरे पर
खुशी देती
रौनक है घर की
फूल सी लड़की

जीवन उन्नत कर देती
चारो ओर रौशन करती
हर तरफ़ खुश्बू बिखेरती
घर को स्वर्ग बनाती
इबादत है ख़ुदा की
फूल सी लड़की
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर