नींदों को कह दो मुझसे बाद में मिले,
अभी लिख रही हूं कविताएं अपने मां के लिए।
गमों को कह दो मुझसे बाद में मिले,
अभी मैं खुश हूं अपने मां के प्यार के लिए।
सूरज को कह दो बाद में डूबे,
मुझे प्रकाश चाहिए मेरे मां के लिए।
ख्वाबों को कह दो मुझसे बाद में मिले,
अभी मैं जाग रही हूं अपने मां के लिए।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X