ये फूल, ये हरियाली, ये कलियां,
याद दिलाती बचपन की गलियां।
वो खूबसूरत सहेलियां,
गांव की बहती नदियां।
वो नीम पीपल की छांव,
वो खूबसूरत अपना गांव,
वो सबसे प्यारा सा लगाव,
वो अपनो का मिठास भाव।
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X