मौसम है बसंत का
मन में उत्कर्ष का
खुशी से ओत प्रोत
उल्लास का स्रोत
सब में खुशी का उमंग
बदला है जैसे प्रकृति ने रंग
सब जगह आनंद हर्ष
खुशनुमा है बसंत
चारों दिशा चंचल
हर तरफ मंगल मंगल
हंस रहे हैं धरती गगन
घर आंगन में है चमक
दुनिया हो गई रोशन
बसंत का है मौसम
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