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मगर चलना होगा:......

                
                                                         
                            मालूम है,
                                                                 
                            
है राह कठिन
पर क्यों बैठे
बन कर दीन

दिवाकर सा
रोज निकलना होगा
चिड़ियों की तरह
चहकना होगा

फूलों सा
खिलना होगा
जिंदगी के हर
तपिश से
तपकर
निकलना होगा

रफ्तार ज्यादा
तेज भले ना हो
मध्यम गति से भी
चलना होगा

है मुश्किल डगर
पर मुश्किलों को
भी एक बार
तौलना होगा

हिम्मत,हौसला
को साथी बना
कर्तव्य पथ पर
चलना होगा

है मंजिल दूर पर
थक कर बैठने से
क्या होगा
है राह कठिन
मगर चलना होगा।।

 
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3 महीने पहले

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