प्यार करने की असीम क्षमता,
भगवान के बाद एक ही रिश्ता
बच्चों में जिनके मन रमता,
सबसे पावन मां की ममता।
अपने हंसी से फूल खिलाती,
बच्चों के मन हर्षाती
सुबह सवेरे उठ जाती,
देर रात तक काम निपटाती।
मां है देवी स्वरूप,
प्यार देती हमें भरपूर
जाए ना मां आंखों से दूर,
हो जाता सारा जगत सुन।
मिल जाए मां के चरणों का धूल,
पतझड़ में भी खिल जाता फूल
माफ कर देती बच्चों की भूल,
मां के आंचल में जन्नत का सुख।
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