एक ऐसी भी घड़ी थी
क्या वो जमाना था
दिल खिलौनों का,
मन खेलने का दीवाना था
कितना सुहाना वो बचपन
का जमाना था
मां के आंचल में सारा
खुशियों का खजाना था।
मां का प्यार
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