मन का अंधेरा
मिटाने के लिए
तन्हाई से निजात पाने के लिए
सुकून मन को दिलाने के लिए
उदासी से जंग करने के लिए
मन में उमंग भरने के लिए
लिखती हूँ...................
मन को मज़बूत करने के लिए
दिल को दुरुस्त रखने के लिए
ना कुछ पाने के लिए
ना मशहूर होने के लिए
बस,मन की मायूसी हटाने के लिए
लिखती हूँ मैं.......................
अपने मन को नेक काम में लगाने के लिए
शब्दों के दौलत से मन का कोना भरने के लिए
खुद के साथ-साथ दूसरों को भी खुशी देने के लिए
लिखती हूँ..........................
मन के उजाले के लिए
तिमिर मिटाने के लिए
नव युग के उजियारे के लिए…।।
-ममता तिवारी
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