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लगी आप में लगन

                
                                                         
                            हो जाऊं आप में मगन
                                                                 
                            
छू लूं उड़ के गगन
लगी आप में लगन

कर दू पूरा समर्पण
किसी हाल में चाहिए
विद्या का धन कर लू
अपना कृतार्थ जीवन

पा लू आपको करके जतन
अब नहीं मन में कोई भ्रम
विद्या से बड़ा न कोई धन

जन्म जन्म का साथ रहे
मां आपके हाथों में मेरा हाथ रहे
ज्ञान का बरसात रहे
मिलता आपका आशीर्वाद रहे

पढ़ने की इच्छा पूरी हो
चाहे सब इच्छाएं अधूरी हो
ज्ञान ही हमारे लिए जरूरी हो
अज्ञानता से दूरी हो

सर्वस्व अपना न्योछावर करूं
सारी उम्र आराधना करू
सपना अपना साकार करूं
नित नित जीवन में आगे बढूं
-ममता तिवारी
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6 महीने पहले

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