हारना हमें मंजूर नहीं,
मेहनत ही हमारे हाथों में,
जो हमारे हाथों में है,
उसे क्यों छोड़े।
जीत नहीं मिली तो क्या हुआ,
कोशिश पर ही ख़ुश हो लेंगे।
-ममता तिवारी
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