कोई न होगा जितनी मां खूबसूरत,
हर उम्र में इंसान को मां की जरूरत।
लक्ष्मी स्वरूप देवी, मां माया की मूरत,
बसती मन मन्दिर में बनके मुस्कुराहट।
रब से भी ज्यादा हमें उनकी चाहत,
देखकर ही मिलती उनको राहत।
खुदा से गुजारिश यही,
मां जुदा न हो कभी।
खुदा इनायत करे,
मां सही सलामत रहे।
मिलता उनका इबादत रहे,
जन्म-जन्मांतर तक साथ रहे।
नजरों में मां बसी रहे,
घर हमेशा जगमग रहे।
मन में खुशी के दीप जले,
फूल की तरह मां खिले।
सारा ब्रह्मांड उत्कर्ष मनाए,
मां के चरणों में हम शीश नवाए।
कोई न होगा, जितनी मां खूबसूरत।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X