किताबों से नेह लगा लेते हैं
सुकून शांति का एक पेड़ लगा लेते हैं
उपवन खूबसूरत सजा लेते हैं
उसमें ज्ञान का दीप जला लेते हैं
चलो किताबों से नेह लगा लेते हैं
ज्ञान का एक विशाल पेड़ लगा लेते हैं
एक एहसान खुद पर कर लेते है
शिक्षा का उपहार खुद को भी देते है
-ममता तिवारी
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