किताबें करती हैं बातें
देती है ज्ञान की सौगातें
शीश हम अपना नवाते
ऊंचाई पर चढ़ जाते
हर मुश्किल दूर करती
खुशियां अपार हमे देती
मुंह से कुछ न बोलती
प्यार से सिर्फ देखती
हम बैठ जाए उसके पास
सारे भेद अपना खोलती
मंद मंद मुस्काती
हाले दिल बयां करती
राज मन की खोलती
असंख्य बातें कहती
सुन ले जो उसकी बातें
विजेता ही कहलाते
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