भरोसा करना ही है,
तो मेहनत और ईश्वर पर करो।
यकीन न हो,
वह भी काम हो जाता है।
खुद पर और ईश्वर पर,
विश्वास ईश्वर को भी भाता है।
जो हम असंभव मानते हैं,
वह काम भी अकस्मात हो जाता है
क्योंकि ईश्वर का भी योगदान मिल जाता है।
कर्म ही इंसान का धर्म है,
ईश्वर उसे सफल बनाते हैं
किसी भी रूप में कर्म का फल जरूर देते हैं।
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