टूट कर चाहने वाले ही बिखरते है
बिखरे हुए को कहां समेटने वाले मिलते है
खुद को कभी बिखरने मत देना
किसी को समेटने का मौका मत देना
ख्याल रखना खुद का किसी का एहसान
मत लेना
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