इंसान का पहला प्यार मां
खुशियों का संसार मां
सब पर्व और त्योहार मां
रंग और गुलाल मां
कर देती खुशहाल मां
खूब देती प्यार मां
सुबह और शाम मां
दिन और रात मां
मन का विश्वास मां
धरती पर सबसे खास मां
भर देती जीवन में प्रकाश मां
मन का उल्लास मां
नजर हमेशा उतारती मां
दुखों से हमे बचाती मां
कभी ना हमें भूलाती मां
रूठने पर मनाती मां
सब सुखों का सार मां
जीवन का आधार मां
हमे सजाती संवारती मां
इसलिए ,खुदा कहलाती मां
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X