आज मिला है वक्त
पढ़ने में हो जो व्यस्त
आज नहीं पढ़ोगे
जिंदगी में फंसोगे
किसी का साथ नहीं देती दुनिया
ना तुम्हारा देगी
आज मन लगाकर पढ़ लो
कल सर पर सफलता की ताज होगी
मुश्किलों से भरी हैं राहें
पग-पग पर मिलेंगी बाधाएं
जिंदगी जब कठिन सवाल पूछेगी
कर न पाओगे उसको हल
आज मिला है वक्त
पढ़ने में हो जो व्यस्त
जिंदगी लेती है परीक्षाएं
उस वक्त नहीं चलेंगी
कोई इच्छाएं
वो सख्त इम्तिहान लेगी
मुश्किलों में डाल देगी
कोई ना होगा सहायक
लेकिन, सरस्वती मां
सब संभाल लेंगी
दिल लगाकर पढ़ लो
विद्या है खूबसूरत वरदान
आज मिला है वक्त
पढ़ने में हो जो व्यस्त।।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X