शब्दों के समंदर से कुछ शब्द के मोती चुरा लेते,
अपने कल्पनाओं के कलम से उसे जीवंत कर देते।
पत्थर में भी जान डाल देती
आत्मा को तृप्त कर देती,
कवि की कविता।
क्या-क्या बीता, क्या क्या सीखा
सब होता उसमें लिखा
खूबसूरत एहसासों से भर देती
उजड़े चमन में गुल खिलाती,
मन को मनोहर कर देती
कवि की कविता।
धड़कनों की करती समीक्षा
हारने ना देती जीवन की परीक्षा
पढ़ते रहे होती मन में इच्छा,
उल्लास से भर देती
कवि की कविता।
नव उत्तेजना का स्रोत
ज्ञान से ओत प्रोत
कर देती भाव विभोर
खींच लेती मन को अपनी ओर,
यह है जीवन का सुनहरा भोर
कवि की कविता।
जला देती मन में ज्ञान का जोत
मन हो जाता मन मुग्ध
अपनी ओर बुलाती,
जिज्ञासा बढ़ाती
कवि की कविता।
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