करती आपका वंदन
अभिनंदन अभिनंदन,
आपसे हो जाता जीवन धन्य,
आजीवन करती रहूं नमन।
आपसे विमुख न हो कोई जन
आपसे प्रकाशित होता घर आंगन,
आपके जितना दानी कौन
हृदय से लुटाती प्यार और विद्या धन।
आपका जहां हो जाता आगमन
विष भी बन जाता चंदन,
आप बसती हर कन-कन
आप में लगी मेरी लगन।
उठ गई आपके प्यार में कलम
आप निभाती अपना वचन
दूर कर देती मन का उलझन,
पा लू आपको इस जीवन
धन्य हो जाऊ सौ जन्म।
मिटा देती आप मन का भ्रम
आपसे ही जग में सुख और अमन
साथ रहती मां हर कदम,
हो जाए जो आप में मगन
उसको निराश करेगा कौन।
विद्या रूपी ज्ञान देकर बना देती सबल
आप लाती जीवन में उत्सव,
बढ़ जाता आपसे उत्कर्ष
मां आपको नमन, करती आपका वंदन।।
- ममता तिवारी
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