उन्नति की राहों में
कठिनाइयों के कांटे बिछे होंगे
हिम्मत से आगे बढ़ना
ईश्वर भी कुछ सोचे होंगे
हो अगर गम ज्यादा मिला तो
फूल भी खुशी के जरूर खिलेंगे
हो खुद और ईश्वर पर भरोसा तो
धूल भी गुल बनेंगे
गम मिलता है तुम्हें और मजबूत बनाने के लिए
धैर्य दृढता से जीवन में उत्थान करने के लिए
मुसीबतों के आगे सर न झुकाने के लिए
संकल्प एक ही काफी है जीवन बदलने के लिए
तत्परता से आगे बढ़
उत्तम विचार मन में भर
हो अगर सर ऊंचा उठाना तो
संघर्ष को स्वीकार कर
ईश्वर के दिए हर परिस्थितियों को
प्रसाद के रूप में ग्रहण कर
उन्नत बीज से खुद को सींच कर
सफलता का हार सरेआम पहन
बैर भावना न दिल में जगा
हंस के अपने लिए नये राह गढ़
अपने सपनों की खूबसूरत आगाज कर
कांटो को भी सलाम कर
खुद पर एक एहसान कर
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