महानता की मिसाल नारी,
उत्कृष्ट और अतुलनीय नारी।
अद्भुत चमत्कार नारी,
वैभव और समृद्धि नारी से सारी।
करो तो विश्वास योग्य है नारी,
समझो तो साक्षात लक्ष्मी है नारी।
नारी के रूप अनेक है,
शक्ति स्वरूप पहचान एक है।
मां बहन बेटी कई रूप लेती,
प्यार से जग जीत लेती।
निस्वार्थ भाव कर्तव्य निभाती,
बन जाती झांसी की रानी।
सीता बन बनवास झेलती,
राधा बन वियोग सहती।
सबरी बन प्रतीक्षा करती,
मीरा बन जहर पीती।
नारी को समझा नहीं कोई,
कई कई विपदाएं ढोई,
सबके लिए अच्छाई बोई।
उसके हिस्से में पीड़ाएं आई,
उसने अपनी सारी खुशियां खोई।
विरह में दिन रात बिताई,
दुनिया ने कितने इल्जाम लगाई।
कहा जाता है नारी को पराई
आज तक समझ न आई,
किसने यह रीत बनाई
सहनी पड़ती अपनों से जुदाई
अद्भुत सृष्टि की रचना नारी,
ईश्वर का वरदान नारी।
जीवनदायिनी -शक्ति नारी
-ममता तिवारी
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