जागते रहती है
तारे गिनते रहती है
जब तक बच्चे
घर ना आ जाए
मां कहां सोती है
-ममता तिवारी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X