बड़े सयाने, बुजुर्ग, बच्चे सब है उमंग में,
चलो रंग जाए, होली के रंग में,
कृष्ण ने जी ने होली मनाई गोपियों के संग में,
हम सब होली मनाएं, मोहल्ले वालों और परिवार, देशवासियों के संग में।
चलों रंग जाए प्यार के उमंग में,
रंग बिरंगे गुलाल, अबीर से,
खुशियों में रंगा यह त्योहार है,
सबके चेहरे पर देखो खुशियां अपार है।
मेल मिलाप से, एक दूसरे को रंगने का अधिकार है,
अदभुत, प्रेममयी अतुलनीय होली का त्योहार है।
हृदय कोमल अंकुरित हो जाता,
जब पूरा देश एक प्यार के रंग में रंग जाता,
बहुत महत्वपूर्ण, पर्वो का पर्व है होली,
हर तरफ बजता खुशियों का बाजा।
पुआ, पूरी पकवान गुजिया,
हर तरफ मन रहा होली की खुशियां,
उमंग और उल्लास से भर उठी दुनियां
बहुत उन्मुक्त हवा बहती ये फागुनी,
खुशियां बढ़ा देती मन में सौ गुना।।
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