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होली का त्योहार : बाल कविता

                
                                                         
                            चुन्नू मुन्नू को हो रही खुशियां अपार,
                                                                 
                            
देखो, छा गई, हर तरफ बहार,
आ गया रंग-बिरंगी होली का त्योहार,
मम्मी-पापा जी हो जाइए,
खरीदारी के लिए तैयार।

सुंदर-सुंदर पिचकारी रंग गुलाल, अबीर,
खूबसूरत चीजों से जगमग हो गया बजार,
खुब अच्छे से मम्मी ने चमका दिया घर-द्वार,
बड़े हर्षोल्लास से मनाएंगे होली का त्योहार।

गरी,छुहारा नारियल तरह तरह की मिठाइयां,
पकवान,पुआ पूरी मन को लुभाए,
मम्मी के हाथों की गुजिया।

नये-नये कपड़ों में हम और लगेंगे बेमिसाल,
सबसे पहले बड़े जनों का लेंगे हम आशीर्वाद,
फिर लगाएंगे, बड़े प्यार से रंग और गुलाल,
गांव,मुहल्ले वालों के साथ मनाएंगे त्योहार।

होली है हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार,
सबसे कीमती तोहफा मिलता अपनों का प्यार,
मन मुटाव भुलाकर सब बदल लेते व्यवहार,
होली सिर्फ पर्व नहीं,ये है गजब चमत्कार।

चलो मनाएं उत्साह से होली का त्योहार,
खूबसूरत होली के रंग में रंग गया संसार,
चुन्नू मुन्नू को हो रही खुशियां अपार,
देखो, छा गई, हर तरफ बहार,
आ गया रंग बिरंगी होली का त्योहार।।


-ममता तिवारी
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6 महीने पहले

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