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एहसासों के खजाने दोहे

                
                                                         
                            गुलाब पेड़ों पर ही अच्छे लगते है,
                                                                 
                            
हाथों में जाते ही मुरझा जाते है
किताब पढ़ने में ही अच्छे लगते है,
अलमारी में दीमक खा ही जाते है।

फूलों को पेड़ पर ही खिलने देना चाहिए,
खूबसूरत लगते है।
किताबों को पढ़ते रहना चाहिए ज्ञान और
मुस्कान दोनों बढ़ते है।

कमल खिलते देखते है तो चेहरे खिल जाते है,
कलम उठाकर लिखते है तो मंजिल मिल जातेहै।

तोड़ना मत फूल बिना खिले हुए कुम्हला जाएंगे,
रहना मत बिना पढ़े हुए जीवन धुंधला जाएंगे।

फूलों को देखकर ही खुश हो जाया जाता है
तोड़कर कुचलने में भलाई नहीं,
पढ़ लिखकर ही महान बना जाता है
मूर्खता में कोई भलाई नहीं।

फूल बने है देखकर मुस्काने के लिए बागों में सजाने के लिए,
हाथ मिले है कलम उठाने के लिए कामयाबी पाने के लिए।
- सीवान
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6 महीने पहले

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