मानव आपके हाथ में आपका है बस आज।
कल के फिक्र में आज को मत करिए बर्बाद।।
गया समय कब मिला मिलता बस पश्चाताप।
बीता वक्त नहीं खरीद पाएंगे हम चाहे आप।।
मन में सिर्फ ग्लानि होगी बीते लम्हों की कहानी होगी।
वक्त दोबारा पा नहीं सकते सिर्फ आंखों में पानी होगी।।
आज हम समय का सदुपयोग करेंगे तो खुद पर
मेहरबानी होगी।
कल एक अलग खूबसूरत हमारी कहानी होगी।।
वक्त हम ना गंवाएंगे खुद से किया वादा
निभाएंगे।
समय ही अनमोल धन है एहसास खुद को दिलाएंगे।।
-ममता तिवारी
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