दुनिया मगन है भक्ति में
सावन की रुत कुछ ऐसी है
भगवा वस्त्रों में सबकी रंगत खिल उठी है
ओम नमः शिवाय की धुन गूंज उठी है
हवाओं में
हरी चूड़ियां और साड़ियां बिक रही हैं
हर तरफ खुशियां ही खुशियां दिख रही हैं
भक्ति के रंग में रंग गई है दुनिया
सावन की फुहार कुछ ऐसी है
सावन में बहार ही बहार आई है
दुनिया मगन है भक्ति में
सावन की रुत कुछ ऐसी है।।
-ममता तिवारी
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