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दीप जलाएं

                
                                                         
                            ज्ञान का मन में दीप जलाएं
                                                                 
                            
बाकी सब भूल जाए
मां के चरणों में शीश नवाएं
विद्या का वरदान खूब पाएं
अज्ञानता को दूर भगाए
बेहतर से बेहतर इंसान बने
शिक्षा में नेह लगाए
हृदय से शिक्षा का स्वागत करे
शिक्षा से समझदार बनेंगे
अपनों का सर ऊंचा करेंगे
शिक्षा के बिना जीवन नहीं
पा ले चाहे मिले कहीं
किसी में भेदभाव न करेंगे
मन लगाकर खूब पढ़ेंगे
यही है सबसे कीमती गहना
विद्या से कभी दूर न रहेंगे
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
6 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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