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धरा का अंधेरा दिवाकर की तरह..

                
                                                         
                            अंतरात्मा में हौसलों का दीप
                                                                 
                            
जलते रहना चाहिए।
धरा का अंधेरा दिवाकर की तरह
हमें मिटाना चाहिए।।

-ममता तिवारी
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