बहुत होते मन के सच्चे
बातें करते अच्छे-अच्छे
इनसे बातें करना खूब जचते
यह है प्यारे छोटे-छोटे बच्चे
हरदम रहते खुशहाली में
गमों को डाल देते नाली में
हर बातों में खुशियां ढूंढ लेते
कभी ना मायूस होते
बड़ों को भी सिखाते हैं
खेलकर हंसकर हम
खुशियां मनाते हैं
दिन भर शोर शराबे में
दिन बिताते है
छोटे-छोटे बच्चे हैं
बड़ों से थोड़ा हटके हैं
खुशियों में हम रहते हैं
इसीलिए बच्चे कहलाते सच्चे है
हममें बहुत नादानी है
नहीं हमारे आंखों में पानी है
बड़े रोते रहते हैं
क्योंकि अतीत में खोए रहते हैं
हमें अतीत से मतलब नहीं
हमारी अलग रवानी है
इसीलिए सारी दुनिया बच्चों की दीवानी है
बच्चे मन के सच्चे
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