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चल कुछ कमाल कर ले

                
                                                         
                            चल कुछ कमाल कर ले,
                                                                 
                            
मन के अंधेरे दूर कर ले
अपनों के जीवन में,
खुशियां भरपूर कर दे
खुद से दोस्ती कर ले।

बुराइयों से दुश्मनी कर ले,
दूसरों का दुख हर ले
चारों तरफ खुशबू बिखरे,
चल कुछ कमाल कर ले।

अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ ले
सपने को साकार कर ले,
कोई राह नए गढ़ ले
चल कुछ कमाल कर ले।

धरा से अंधेरा हर ले
ज्ञान का जोत जला दे,
दूसरों को राह दिखा दे
अच्छे संस्कार मन में भर ले
चल कुछ कमाल कर ले

जीवन में प्रकाश भर दे
मंजिल की तलाश कर ले,
मन को मजबूत कर ले
चल कुछ कमाल कर ले।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
7 महीने पहले

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