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बाद में क्यों पछताना

                
                                                         
                            हाैसलो एक तीर चला
                                                                 
                            
बीती बातें दिलसेभुला
सपना एक नया सजा
कोशिशों में जुट जाएं

अपना बन के सहारा
मुड़ के न देखे दोबारा
खुद ही लगा ले किनारा
समय का यही इशारा

खुद से है खुद निभाना
खुद से किया जो वादा
बाद में क्यों पछताना
पूरा अपना जोर लगाना

मानव का है परम धर्म
मन लगाकर करे कर्म
बना रहे जीवन में नर्म
दूसरो के लिए रखे मर्म
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6 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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