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बच्चों के लिए जीती

                
                                                         
                            बच्चों के लिए जीती बच्चों के लिए मरती,
                                                                 
                            
मां बच्चों से बहुत ज्यादा प्यार करती।

बच्चो से उनके जिंदगी की खूबसूरत आगाज होती,
उनको देखकर उठती उनको देखकर सोती।

बच्चों का धूल भी मां के लिए फूल,
उफ भी ना कहे अगर चुभ जाए शूल।

बेहतर से बेहतरीन मां करती देखभाल,
हर परिस्थिति में भी मां लेती संभाल।

करती नहीं बच्चों में भेदभाव,
करती हमेशा हर गम से बचाव।

दर्द में भी मां देती राहत,
फ़िक्र करती सबसे बढ़कर।

सुकून मिलता उनको देखकर,
खुश कर देती मुस्कुराकर।

गले लगा लेती आगे बढ़कर,
दुख भाप लेती चेहरा पढ़कर।
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7 महीने पहले

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