अपनों का प्यार,
सबसे बड़ा उपहार,
व्रत हो या त्योहार,
याद आ ही जाता है,
अपनों का प्यार।
भूलने की कोशिश
करो तो और,
तड़पाती है,
यादें तो यादें है,
और बढ़ जाती है।
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