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अनुभव की कलम से

                
                                                         
                            तूफानों को झेलकर अगर तुम बच जाते हो,
                                                                 
                            
जीवन के खेल में और माहिर हो जाते हो।

एक भूल तुम्हारे जीवन को कहां से कहां पहुंचा सकती है,
एक उम्मीद की किरण तुम्हें आसमान पर बैठा सकती है।

सोच समझ कर जीवन के फैसला लिया करते,
जख्म देने वाले कभी मरहम नहीं दिया करते।

नादानी तुम्हे ले डूबती दुनिया कहां पार उतारती है,
मुंह पर अपना मानती पीठ पीछे वार करती है।

बनना अपना मददगार तुम,कभी न मानना हारतुम।

जहर देने वाले हाथों में भी अमृत की कटोरी होगी ,
पढ़ न पाओगे इतनी गमगीन तुम्हारी स्टोरी होगी।

विष में भी वास होता है विश्वास का,
बहुत जर्जर हालत आजकल के इंसान का,

तुम्हारे जीवन की डोर उनके हाथों में होगी,
बद से बदतर तुम्हारे साथ करामाते होगी।

इंसानों पर भरोसा करना नहीं, सांपों पर कर सकते हैं

सांप तो कभी-कभी डसते। विश्ववासघाते
पल पल डसती है।
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7 महीने पहले

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