चाहे राहों में हो पत्थर,
हौसला बुलंद कर
ऊंची एक उड़ान भर,
आसमान पर रख नजर।
कंकड़ पत्थर मिट्टी धूल
रास्तो के है फूल,
सफलता के लिए है
हीरे मोती बात मत भूल।
शूल भी फूल बन जाए
इंसान में हो अगर जुनून
आंधी पानी तूफानों में,
पेड़ निर्जीव एक खड़ा रहता।
तू तो सबल सजीव
क्यों डरा रहता
सब झेलकर ही,
इंसान निखरता।
अपने लिए क्यों पथ
आसान चुनता,
अगर दिल में हो जज्बा
मुकाम करेगा तुमको सजदा।
चाहे हो नर नारायण
चाहे हो नारी अबला,
धीरता से काम ले
मत अपना अंजाम देख।
ईश्वर भी साथ खड़े
हाथ खुद का थाम ले
कर्तव्य को सर्वश्रेष्ठ मान
लगाकर अपना ध्यान देख।
चिड़ियों से ऊंची उड़ान
भरने का ज्ञान ले
किसी का मत सलाह ले
खुद के दम पर एक निर्णय ले।
चाहे राहों में हो पत्थर।।
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