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अभी-अभी

                
                                                         
                            हमनें तो उस कुसूर की भी काटी है सज़ा,
                                                                 
                            
थी जिसमें शामिल उसके गुनाह की रज़ा।
न यूॅ॑ फिर रुलाओ मुझे हॅ॑सी हूॅ॑ अभी-अभी
है क़त्ल में मुश्किल मिलें सुलह की रज़ा।
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एक वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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