अद्धभुत अलौकिक शुभ संयोग
महाशिवरात्रि आया है
भोलेनाथ संग माँ पार्वती का
पावन यह त्यौहार आया है
सर पे जिनके माँ गंगा है
तन पे बाघ का छाला है
भश्म लगाते पूरे तन पे
गले में विराजमान नाग है
कंठ में शोभित काया है
भोलेनाथ संग माँ पार्वती का
पावन यह त्यौहार आया है
सर में उनके चंद्र विराजे
नंदी पर करते सवारी हैँ
तीनों लोक में महिमा उनकी
कहलाते त्रिपुरारी है
देवों के देव महादेव हैं
धर्म का वो महावेद हैं
कैलाशपति, आदिदेव
विश्वनाथ,कहलाते हैं
माँ गौरा संग शिव शंकर हैं
विवाह का है ये शुभ दिन हैं
इंतजार जहाँ करते है
देवी देवता और गन्धर्व हैं
महारात्रि है ये महाशिवरात्रि का
माँ पार्वती और भोलेनाथ का
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