नहीं तुम वो जिसे चाहा था मैंने
वो तो कोई और था जिसे मांगा था मैंने
जाने कहाँ खो गया है,
बादलों में छुप गया है
वही एक चाँद जिसे सराहा था मैंने
नहीं तुम.....…......
लहरों में गुम हो गया है
तूफानों में छोड़ गया है
वही एक साहिल जिसे निहारा था मैंने।
नहीं तुम ..……..............
हमको तन्हा कर गया है
राहों में ही तज गया है
वही एक साथी जिसे निबाहा था मैंने
नहीं तुम.……..................
ममता खुराना
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