इतनी जलन इतनी ईर्ष्या
लेकर कहाँ जाएँगे हम
प्यार मुहब्बत की ही दीक्षा
अच्छा हो पा जाएं हम
नफरत का दामन छोड़े
दिल किसीका ना तोड़े
जीवन जीने की शिक्षा
लोगो को दे जाएँ हम
वैर-भाव दुश्मनी, लड़ाई
जीवन में नही किसीको भायी
झोली में डालो प्रेम की भिक्षा
सन्तोष धन पा जाएँ हम
- ममता खुराना
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