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आज एक दिन मैने खुद के नाम किया

                
                                                         
                            आज एक दिन मैने खुद के
                                                                 
                            
नाम किया
इस एक दिन
में ज़िंदगी को एक नए सिरे से
मैने जिया।
खुद के बारे में सोचते ही
हम पता नहीं इतने क्यों चुभते है
दो कड़वे लफ्ज़ कानों में पड़ते ही
न जाने क्यों कदम
खुद ब खुद रुकते है
कल के लिए थोड़ी चिंता भी है
ये जानकर ,
की हर कोई मेरी गलती को गिनता भी है।
एक जिंदगी में से आज का दिन
खुद के नाम दिया
आज एक दिन मैने खुद के नाम किया।
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एक वर्ष पहले

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