जब तनाव, दुःख , पीड़ा , परेशानी
और विरह वेदना रूपी विष मन
पर छाने लगे तब संगीत रूपी
अमृत धारा को बहा दीजिए।
तो विष का प्रभाव शांत हो जाएगा ।।
-रंजीत कुमार महतो "गम्हरा "
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